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सर्वकोश
वैराग्य शतक

वैराग्य शतक

Vairagya Shatak

भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा

स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)

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वैराग्य शतक

हे भाई ! कैम कष्ट की बात है ! पहले यहाँ कैसा राजा
राज करता था, उसकी राजसभा कैसी थी, उसके यहाँ कैसे-
कैसे शूर सामन्त और सेना एवं चन्द्रानना स्त्रियों थीं, पर
आज सब सूना है ! सबको काल खा गया !! पृ० ११५