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त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

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पृष्ठ 95

त्रिशतिका 67
व्युत्क्रमानुपाती विवरण→12 महीने में 36/= ब्याज
विवरण व्युत्क्रमा. है, अतः भाग देने पर ⇒ (100 × 36) / (5 × 12) = 60 मूलधन में
स्पष्टतः इस संक्रिया से भी हमने वही परिणाम प्राप्त कर लिया है।
ब्याज के ज्ञात होने पर प्रमाण फल (R) ज्ञात करना—
प्रश्न इस प्रकार प्रस्तुत करेंगे—
12 महीने में 60/= रु. पर ब्याज 36/= बनता है तो 1 महीने में 100/= पर
कितना ब्याज बनेगा।
अथवा
12 महीने में 60/= रु. पर 36/= ब्याज कितने प्रतिशत मासिक दर पर
बनेगा।
यहाँ पूर्वलिखित तालिका—
1 12 बहुराशि 100 × 36 3600
100 60 स्थान परिवर्तन से ⇒ ──────── = ──────── = ──── = 5
0 36 अल्पराशि 12 × 60 720
बीजगणितीय समीकरण से स्थान-परिवर्तन का नियम