त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
पृष्ठ 139, कुल 208 में से
संदर्भ में पढ़ेंत्रिशतिका ·111
द्वितीयोदाहरणम्
आयतचतुरस्रस्य च त्रिहस्तकोटेस्चतुःकर भुजस्य।
अध्यर्धकरभुजस्य च करार्धकोटेः फलं कथय¹।। 76।।
4 3
न्यासः 3 ½ लब्धे क्षेत्रफले 12। ¾।।
सुक्षेमा अनुवाद-किसी 3 हाथ कोटि या लम्ब तथा 4 हाथ भुज अथवा
आधार वाले चतुष्कोणीय आयत क्षेत्र का क्षेत्रफल बताओ तथा इसी प्रकार 1½ या
3/2 हाथ या भुज तथा ½ हाथ कोटि वाले आयत का क्षेत्रफल कहो।
अनुशीलन-यहाँ आयत के क्षेत्रफल का उदाहरण प्रस्तुत है। श्लोक के
नियमानुसार-
4 हाथ कोटि या लम्ब तथा 3 हाथ भुज या आधार वाले आयत का क्षेत्रफल
= 4 × 3 = 12 हाथ²
½ हाथ लम्ब तथा 3/2 हाथ आधार वाले आयत का क्षेत्रफल = ½ × 3/2 = ¾ हाथ²
अन्यत् करणसूत्रम्
चतुरस्रेष्वन्येषु च लम्बगुणं कुमुखयोगार्धम्²।। 42।।
सुक्षेमा अनुवाद-अन्य चतुष्कोणीय चतुर्भुज अर्थात् समलम्ब चतुर्भुज (tra-
pezium) का क्षेत्रफल समलम्ब के आधार वाली कु तथा मुख नामक दोनों
भुजाओं के योग के आधे को शीर्षलम्ब (perpendicular) के साथ गुणनफल से
प्राप्त होता है।
अनुशीलन-इस श्लोक में समलम्ब चतुर्भुज के क्षेत्रफल प्राप्त करने की
विधि बताई गई है। जिस चतुर्भुज की दो भुजाएँ समान्तर हों उसे समलम्ब चतुर्भुज
कहते हैं। इन भुजाओं के किसी भी बिन्दु से समान्तर रेखा तक सरल रेखा में
खींचे गए शीर्ष लम्ब की दूरी बराबर होती है। पर इनकी अन्य दो भुजाएँ
असमान्तर होने से इनके बिन्दुओं से दूसरी असमान्तर रेखा तक खींची गई सरल
रेखा की दूरी बराबर नहीं होती। श्लोक के अनुसार इस समलम्ब के क्षेत्रफल का
सूत्र इस प्रकार होगा-
१. तुलनीय - यत्रायतचतुरश्रे भूवदने सार्धपञ्चकरसंख्ये।
पार्श्वभुजमध्यलम्बास्त्रिहस्तकास्तत्र किं गणितम्। पाटी-गणित श्लोक 123, पृ. 161 यहाँ 3
हाथ लम्बे तथा 11/2 आधार वाले आयताकार पात्र का क्षेत्रफल पूछा है।
स्पष्टतः 3 × 11/2 = 33/2 अर्थात् 16 हाथ तथा 12 अंगुल।।
२. तुल. भूवदनसमासार्धं मध्यमलम्बेन संगुणितम्- पाटी-गणित सूत्र 115, पृ. 161 तथा म.सि.
15.78, सि.शे. 13.30, लीलावती क्षेत्रव्यवहार श्लोक 23