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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

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त्रिशतिका 109
सामान्य नियम द्वारा इसका हल प्राप्त किया गया है। इस प्रकार गच्छ (n) का मान
7 प्राप्त हो जाता है।
द्वितीय उदाहरण को भी उपरिलिखित विधि से हल करते हैं-
उदाहरणानुसार सर्वधन × 2 = {2 × 5/2 + (n-1) 1/2} n = 1170/2 = 585
⇒ {2 × 5/2 + (n-1) 1/2} n - 1170/2 = 0
वर्गसमीकरण का आकार... ⇒ 1/2 n² + 9/2 n - 585 = 0
सभी पक्षों को 4a से गुणा करने पर ⇒ 1n² + 9n - 1170 = 0
⇒ (1n)² + 2 × 1n × 9/2 + (9/2)² = (9/2)² + 1170
⇒ (n + 9/2)² = 81/4 + 1170
⇒ n + 9/2 = √(81/4 + 1170)
⇒ n = √(81/4 + 1170) - 9/2
n = 69/2 - 9/2 = 60/2 = 30
इस समीकरण के द्वारा पुनः श्लोकोक्त सूत्र को प्राप्त कर लिया गया है।