त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें98 त्रिशतिका
63/74 + 98/37 = 259/74 = 7/2
63/74 में पूर्णांक पण 0 है। 63/74 × 4 = 252/74 = 3 30/74 काकिणी
30/74 × 20 = 600/74 = 8 8/74 वराटक तथा इसके भाग 4/37 सिद्ध है।
98/37 = 2 24/37 पण, 24/37 × 4 = 96/37 = 2 22/37 काकिणी, 22/37 × 20 = 440/37 =
11 33/37 वराटक इस प्रकार 33/37 वराटक भाग सिद्ध होते हैं।
अब अपने-अपने भाग या अंश को पूर्वोक्त फल या योग से विभक्त करके
कुल मूल्य से गुणित करने पर-
1/2 × 14/37 × 7/2 = 49/74 कुडव, 1/2 भाग मूँग का परिमाण
1 × 14/37 × 7/2 = 49/37 अथवा 1 12/37, 1 भाग तण्डुल का परिमाण
इस प्रकार स्पष्टतः 49/37 कुडव तण्डुल का मूल्य 98/37 पण है तथा इस परिमाण
के 1/2 भाग 49/74 कुडव का मूल्य 63/74 है। इन दोनों मूल्यों का योग 7/2 है। अतः इस
मूल्य से उपर्युक्त परिमाण के तण्डुल तथा मुद्ग प्राप्त होंगे।
परिमाण ज्ञात होने पर इनके मूल्य समानुपात से भी ज्ञात हो सकते हैं-
7 : 9 :: 49/74 : x ⇒ x = 9 × 49/74 × 1/7 = 441/518 = 63/74 पण
तथा-
1/2 : 1 :: 49/37 : x ⇒ x = 1 × 49/37 × 2/1 = 98/37 पण
यह सम्पूर्ण विधि बीजगणित के सामान्य नियम के अनुसार स्वतः सिद्ध है।
जैसे-
x = कुडव में तण्डुल की वाञ्छित अज्ञात मात्रा
1/2 x = कुडव में मूँग की वाञ्छित अज्ञात मात्रा
प्रश्नानुसार ⇒ 7/9 कुडव मूँग का मूल्य ⇒ 1 पण
⇒ 1/2 कुडव तण्डुल का मूल्य ⇒ 1 पण
कुल मूल्य चुकाया गया ⇒ 7/2 पण
अतः अज्ञात मात्रा के तण्डुल का मूल्य ⇒ x × 2/1
अज्ञात मात्रा के मूँग का मूल्य ⇒ 1/2 x × 9/7
अज्ञात मात्रा का कुल मूल्य x (2/1 + 9/14) = 37/14 x पण
प्रश्नानुसार कुल मूल्य 7/2 है।
अतः 37/14 x = 7/2 पण,