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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 123, कुल 208 में से

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पृष्ठ 123

त्रिशतिका 95
अनुशीलन-यहाँ मिश्रधन 1 तथा समान मूल्य से मात्राओं का अनुपात इस
प्रकार है-
मूल्य पण्य या मात्रा
रूप ⇒ 1 : 1/2 पल
⇒ 1 : 2
⇒ 1 : 7
अब श्लोक के नियमानुसार मूल्य को पण्य से विभाजित करने पर ⇒
1 × 2/1 = 2, 1 × 1/2 = 1/2, 1 × 1/7 = 1/7
इस प्रकार समान मात्राओं का मूल्य से अनुपात-
मात्रा मूल्य
पल ⇒ 1 : 2 ⇐ रूप
⇒ 1 : 1/2 ⇐
⇒ 1 : 1/7 ⇐
मूल्य अथवा फल का योग-
2 + 1/2 + 1/7 = 37/14
श्लोक के नियमानुसार प्रक्षेप या मूल्य की अलग मात्राओं को इनके फल
अथवा योग से विभक्त करके मिश्रधन 1 से गुणित करने पर-
2 × 14/37 × 1 = 28/37 रूप की 14/37 पल हींग
1/2 × 14/37 × 1 = 7/37 रूप की 14/37 पल पीपल
1/7 × 14/37 × 1 = 2/37 रूप की 14/37 पल सोंठ
इस प्रकार 28/37 + 7/37 + 2/37 = 1 रूप से प्रत्येक तीनों की 14/37 पल समान
मात्राएँ प्राप्त होती हैं।
समान मात्रा ज्ञात होने पर इनका मूल्य समानुपात से भी ज्ञात होता है-
1/2 : 1 : : 14/37 : x अतः x = (14 × 2)/37 = 28/37 हींग का मूल्य
2 : 1 : : 14/37 : x ...x = (14 × 1)/(37 × 2) = 7/37 पीपल का मूल्य