सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

पृष्ठ 63, कुल 177 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 63

अध्याय - ३
नृस्थिती परापरे त्रिपल्योपमान्तर्मुहूर्ते ॥३८॥
मनुष्यों की उत्कृष्ट स्थिति तीन पल्य और जघन्य स्थिति
अन्तर्मुहूर्त की है।
The maximum and the minimum periods of
lifetime of human beings are three palyas and
antarmuhūrta.
तिर्यग्योनिजानां च ॥३९॥
तिर्यंचों की आयु की उत्कृष्ट तथा जघन्य स्थिति उतनी ही
(मनुष्यों जितनी) है।
These are the same for the animals.
॥ इति तत्त्वार्थाधिगमे मोक्षशास्त्रे तृतीयोऽध्यायः ॥
50