तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअध्याय - ९
The afflictions can occur simultaneously from one
to nineteen.
सामायिकच्छेदोपस्थापनापरिहारविशुद्धिसूक्ष्मसाम्पराय-
यथाख्यातमिति चारित्रम् ॥१८॥
[ सामायिकच्छेदोपस्थापनापरिहारविशुद्धिसूक्ष्मसाम्पराय-
यथाख्यातम् ] सामायिक, छेदोपस्थापना, परिहारविशुद्धि,
सूक्ष्मसाम्पराय और यथाख्यात [ इति चारित्रम् ] इस प्रकार
चारित्र के 5 भेद हैं।
Equanimity, reinitiation, purity of non-injury,
slight passion, and perfect conduct are the five
kinds of conduct.
अनशनावमौदर्यवृत्तिपरिसंख्यानरसपरित्याग-
विविक्तशय्यासनकायक्लेशा बाह्यं तपः ॥१९॥
[ अनशनावमौदर्यवृत्तिपरिसंख्यानरसपरित्यागविविक्त-
शय्यासनकायक्लेशा ] सम्यक् प्रकार से अनशन, सम्यक्
अवमौदर्य, सम्यक् वृत्तिपरिसंख्यान, सम्यक् रसपरित्याग,
सम्यक् विविक्तशय्यासन और सम्यक् कायक्लेश - ये [ बाह्यं
तपः ] छः प्रकार के बाह्य तप हैं।
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