तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
DevanagariHindipublished177 पृष्ठ
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अध्याय - ९
बादरसाम्पराये सर्वे ॥१२॥
[ बादरसाम्पराये ] बादरसाम्पराय अर्थात् स्थूलकषाय वाले
जीवों के [ सर्वे ] सर्व परीषह होती हैं।
All the afflictions arise in the case of the ascetic
with gross passions.
ज्ञानावरणे प्रज्ञाऽज्ञाने ॥१३॥
[ ज्ञानावरणे ] ज्ञानावरणीय के उदय से [ प्रज्ञाऽज्ञाने ] प्रज्ञा
और अज्ञान ये दो परीषह होती हैं।
Extraordinary learning and ignorance are caused
by knowledge-covering karmas.
दर्शनमोहान्तराययोरदर्शनालाभौ ॥१४॥
[ दर्शनमोहान्तराययोः ] दर्शनमोह और अन्तराय कर्म के उदय
से [ अदर्शनालाभौ ] क्रम से अदर्शन और अलाभ परीषह
होती हैं।
Misbelief and lack of gain are caused by faith-
deluding and obstructive karmas.
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