तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
DevanagariHindipublished177 पृष्ठ
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Āchārya Umāsvami's
Tattvārthsūtra
WITH HINDI AND ENGLISH TRANSLATION
श्रीमदाचार्य उमास्वामी-विरचित
तत्त्वार्थसूत्र
- मंगलाचरण *
मोक्षमार्गस्य नेतारं भेत्तारं कर्मभूभृताम्।
ज्ञातारं विश्वतत्त्वानां वन्दे तद्गुणलब्धये॥
मोक्षमार्ग के प्रवर्तक, कर्मरूपी पर्वतों के भेदक अर्थात् नष्ट
करने वाले, तथा विश्व के (समस्त) तत्त्वों के जानने वाले
(आप्त) को उनके गुणों की प्राप्ति के हेतु मैं प्रणाम करता हूँ
– वन्दना करता हूँ।
I bow to the Lord, the promulgator of the path to
liberation, the destroyer of mountains¹ of karmas
and the knower of the whole of reality, so that
I may realize these qualities.
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¹ mountains: large heaps
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