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तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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पृष्ठ 117

अध्याय - ७
मिथ्योपदेशरहोभ्याख्यानकूटलेखक्रियान्यासापहार-
साकारमन्त्रभेदाः ॥२६॥
[ मिथ्योपदेशरहोभ्याख्यानकूटलेखक्रियान्यासापहार-
साकारमन्त्रभेदाः ] मिथ्या उपदेश, रहोभ्याख्यान,
कूटलेखाक्रिया, न्यासापहार और साकारमन्त्रभेद - ये पाँच
सत्याणुव्रत के अतिचार हैं।
Perverted teaching, divulging what is done in
secret, forgery, misappropriation, and proclaiming
others’ thoughts.
स्तेनप्रयोगतदाहृतादानविरुद्धराज्यातिक्रमहीनाधिक-
मानोन्मानप्रतिरूपकव्यवहाराः ॥२७॥
चोरी के लिये चोर को प्रेरणा करना या उसका उपाय बताना,
चोर से चुराई हुई वस्तु खरीदना, राज्य की आज्ञा के विरुद्ध
चलना, देने-लेने के बाँट तराजू आदि कम-ज्यादा रखना और
कीमती वस्तु में कम कीमत की वस्तु मिलाकर असली भाव
से बेचना - ये अचौर्याणुव्रत के अतिचार हैं।
Prompting others to steal, receiving stolen goods,
under-buying in a disordered state, using false
weights and measures, and deceiving others with
artificial or imitation goods.
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