तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
DevanagariHindipublished174 पृष्ठ
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समाज-सेवा और गृह-शिल्प
[ श्री० अनिल बन्धुको लिखे गये पत्रका अंश ]
माण्डला जेल ।
सविनय निवेदन,
आपका पत्र पाकर और सब समाचार जानकर आन-
न्दित हुआ। कार्यसमितिके अधिकांश सदस्य सेवाश्रमके
कामोंमें दिलचस्पी नहीं लेते इससे आप निराश या चिंतित
न हों। अधिकांश कार्यकारिणी समितियोंकी यही
हालत है। अपनी सेवा और लगनसे ही दूसरोंमें सेवा
और लगनकी भावना जगाना होगा। गांवमें दूसरेके
दुःखके प्रति संवेदना और आग्रहका भाव जाग्रत हुए
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