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सर्वकोश
तर्कसंग्रह एवं न्यायबोधिनी (अन्नम्भट्ट - पं. केदारनाथ त्रिपाठी सान्वय सटीक)

तर्कसंग्रह एवं न्यायबोधिनी (अन्नम्भट्ट - पं. केदारनाथ त्रिपाठी सान्वय सटीक)

Tarkasangraha with Nyayabodhini of Annambhatta by Kedarnath Tripathi

अन्नम्भट्ट द्वारा

DevanagariHindipublished199 पृष्ठ

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१८४ तर्कसंग्रहः [ अवशिष्टपरिच्छेदः
सगुणोपासना एवं काशीमरणादिको मुक्तिका हेतु कहा गया है, किन्तु वह भी तत्त्व-
ज्ञानके द्वारा ही मुक्तिका हेतु है, साक्षात् नहीं । इसीलिए काशीमें परमेश्वर तारक-
मन्त्रका उपदेश देते हैं । वह तारकमन्त्र तत्त्वज्ञान ही है । इति शिवम् ।
टिप्पणी पदकृत्यस्य गूढभावावबोधिनी ।
मया संयोजिता नूनं छात्राणां हितमावहेत् ॥
इति न्यायवेदान्तसांख्ययोगाचार्यश्रीकेदारनाथत्रिपाठिविरचिता
तर्कसंग्रहपदकृत्यस्य हिन्दीटिप्पणी समाप्ता ।
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