तर्कसंग्रह एवं न्यायबोधिनी (अन्नम्भट्ट - पं. केदारनाथ त्रिपाठी सान्वय सटीक)

तर्कसंग्रह एवं न्यायबोधिनी (अन्नम्भट्ट - पं. केदारनाथ त्रिपाठी सान्वय सटीक)
Tarkasangraha with Nyayabodhini of Annambhatta by Kedarnath Tripathi
अन्नम्भट्ट द्वारा
DevanagariHindipublished199 पृष्ठ
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स्मृतिमात्रेण शेषेषु
पादपद्मेषु पूज्ययोः ।
पित्रोः समर्पितेयं स्यात्
कृतिर्मे प्रीतये तयोः ॥