तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)

तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)
Tarkabhasha of Keshavamishra
आचार्य केशवमिश्र (व्याख्याकार: पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि) द्वारा
DevanagariHindipublished330 पृष्ठ
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| सं० | नाम | काल | स्थान | विशेष | ग्रन्थ |
|---|---|---|---|---|---|
| १३ | जयराम न्यायपञ्चानन | १७०० | ६ वृन्दावनविनोद काव्य<br>१ त० चि० दी० गूढार्थविद्योतन<br>२ त० चि० आलोकविवेक<br>३ न्यायसिद्धान्तमाला<br>४ शब्दार्थमाला<br>५ गुणदीधितिविवृत्ति<br>६ न्यायकुसुमाञ्जलिकािरकाव्याख्या<br>७ पदार्थमणिमाला<br>८ काव्यप्रकाश तिलक | ||
| १४ | गौरीकान्त सार्वभौम | १७२५ | १ भावार्थदीपिका [ तर्कभाषा की टीका ]<br>२ सद्युक्तिमुक्तावली<br>३ आनन्दलहरीवटी<br>४ विद्वन्मुखमण्डन विटीका | ||
| १५ | भवानन्द सिद्धान्तवागीश | १६२५ | १ त० चि० दी० प्रकाशिका<br>२ प्रत्यक्षालोकसारमञ्जरी<br>३ तत्त्वचिन्तामणिटीका<br>४ कारकविवेचन | ||
| १६ | हरिराम तर्कवागीश | ” | १ त० चि० टीका विचार |