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तन्त्रसार (महामाहेश्वर अभिनवगुप्त - तन्त्रालोक का प्रामाणिक सार-संग्रह सटीक)

तन्त्रसार (महामाहेश्वर अभिनवगुप्त - तन्त्रालोक का प्रामाणिक सार-संग्रह सटीक)

Tantrasara of Mahamaheshvara Abhinavagupta with Commentary

महामाहेश्वर अभिनवगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished294 पृष्ठ

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आ. १९ ] तन्त्रसार-अभिनवगुप्त [ १७५
एहु सरीरु सअलु अह भवसरु
इच्छामित्तणजेण विचित्ति उ ।
सोश्चिअ सोक्खदेयि परमेसरु
इअजानन्त उरूढिपदितो उ ॥
इति श्रीमदभिनवगुप्ताचार्यविरचिते तन्त्रसारे श्राद्धदीक्षाप्रकाशनं
नाम एकोनविंशमाह्निकम् ॥ १९ ॥