ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)
Tandya Mahabrahmana with Sayanacharya Commentary
महर्षि ताण्डि (भाष्यकार: श्रीमत् सायणचार्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंा विहुतं पुनः॥ मा भेम निष्पथा इवे- Wait, look atपुरूवसुर्निष्कत्र्ता: Is it पुरूवसुर्निष्कत्र्ताorपुरुवसुर्निष्कत्र्ता? In RV 8.1.12: "पुरूवसुर्निष्कत्र्ता" (with dirgha रू! Rigveda has पुरूवसुः). Here: पुरूवसुर्निष्कत्र्ता! Notice रूhas the tail in the middle. Andनिष्कत्र्ता: त्ताwith repha. Thenविहुतं पुनः॥ Thenमा भेम निष्पथा इवे-(RV 8.1.13:मा भेम निष्पथा इवेन्द्र त्वदराणा इव । वनानि न प्रजहितान्यद्रिवो दुरोषासो अमन्महि ॥`)
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Line 18:
न्द्र त्वदराणा इव। वनानि न प्रजहितान्यद्रिवो दुरोषा-
Wait,त्वदराणाorत्वदरासः? Here:त्वदराणा इव।
Wait, is there a danda afterइव? Yes:इव। -
Line 19:
`सो अमन्महि। अमन्महीद