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सर्वकोश
ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)

ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)

Tandya Mahabrahmana with Sayanacharya Commentary

महर्षि ताण्डि (भाष्यकार: श्रीमत् सायणचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished518 पृष्ठ

पृष्ठ 371, कुल 518 में से

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पृष्ठ 371

ा विहुतं पुनः॥ मा भेम निष्पथा इवे- Wait, look atपुरूवसुर्निष्कत्र्ता: Is it पुरूवसुर्निष्कत्र्ताorपुरुवसुर्निष्कत्र्ता? In RV 8.1.12: "पुरूवसुर्निष्कत्र्ता" (with dirgha रू! Rigveda has पुरूवसुः). Here: पुरूवसुर्निष्कत्र्ता! Notice रूhas the tail in the middle. Andनिष्कत्र्ता: त्ताwith repha. Thenविहुतं पुनः॥ Thenमा भेम निष्पथा इवे-(RV 8.1.13:मा भेम निष्पथा इवेन्द्र त्वदराणा इव । वनानि न प्रजहितान्यद्रिवो दुरोषासो अमन्महि ॥`)

  • Line 18:
    न्द्र त्वदराणा इव। वनानि न प्रजहितान्यद्रिवो दुरोषा-
    Wait, त्वदराणा or त्वदरासः? Here: त्वदराणा इव।
    Wait, is there a danda after इव? Yes: इव।

  • Line 19:
    `सो अमन्महि। अमन्महीद