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सर्वकोश
तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary

कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished914 पृष्ठ

पृष्ठ 375, कुल 914 में से

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पृष्ठ 375

मि- : wait, छृ॒न्ध्यूर्ज॒मि- -> anudatta under र्ज (र्ज॒), hyphen at end.

L19:
त्या॑ह । ऊर्ज॑मे॒वाव॑रुन्धे । छृ॒न्धि ह॒विरित्या॑ह । ह॒विरे॒-
त्या॑ह : udatta over त्या.
ऊर्ज॑मे॒वाव॑रुन्धे :
ऊर्ज॑ : udatta over र्ज (र्ज॑).
मे॒ : anudatta under मे (मे॒).
वा : normal.
व॑ : udatta over व (व॑).
रुन्धे : normal.
छृ॒न्धि : anudatta under छृ.
ह॒विरित्या॑ह : anudatta under ह (ह॒), udatta over त्या (त्या॑).
ह॒विरे॒- : anudatta under ह (ह॒), anudatta under रे (रे॒).

L20:
वाक॑ः ( ३३ ) ।
वाक॑ः : udatta over क (क॑).
( ३३ ) ।

Wait, let's re-verify L11:
Look at: असु॑र्यै॒ पात्राना॑च्छृण्णम् vs असु॑र्यै॒ पात्रानाच्छृ॑णणम् vs असु॑र्यै॒ पात्रानाच्छृ॑ण्णम्: