स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary
आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा
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३८ श्रीमद्राजचन्द्रजैनशास्त्रमालायां
परिशिष्टोंके विशेष शब्दोंकी सूची (११)
अतिशय २८५-२८६
—मूल तीन अतिशय २८५
—चौंतीस अतिशय ,,
—श्वेताश्वतर उपनिषद् और पातंजल २८६
योगसूत्रोंमें अतिशय २८६
—मज्झिमनिकाय आदि
बौद्ध शास्त्रोंमें अतिशय २८६
आजीविक (तेरासिय) ३५१-३५२
—नंदवच्छ, किससंकिच्च
और मक्खलिगोशाल-
तीन मुख्य नायक ३५१
—गोशालके सिद्धांतोंका भगवती
आदि जैन ग्रंथोंमें उल्लेख ३५१
आधाकर्म (अधःकर्म) २९२-२९३
अपुनर्बंध २८७
उत्पादव्ययध्रौव्य २८६-२८७
—स्वप्रत्यय और परप्रत्यय उत्पादव्यय २८७
—षट्स्थानपतितहानिवृद्धि २८७