स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary
आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२२ श्रीमद्राजचन्द्रजैनशास्त्रमालायां
स्याद्वादमंजरी (अन्ययोगव्यवच्छेदिका) के शब्दोंकी सूची (४)
शब्द श्लोक शब्द श्लोक शब्द श्लोक शब्द श्लोक
अ औ नित्य २५ वाचक १४
अकृतकर्मभोग १८ औपाधिक ९ नित्यवाद २६ वाच्य १४
अतीतदोष १ क प वासना १९
अद्वैत १६ कर्ता ६ पक्षपाती ३० वितण्डा १०
अनन्तधर्म २२ कृतप्रणाश १८ पुरुष १५ विनाशवाद २६
अनन्तविज्ञान १ कृतान्त १७ प्रपंच १३ विरूप २५
अनुमान २० क्षणसन्तति १६ प्रमाण २८ विवाद १०
अनुवृत्ति ४ क्षणभंग १८ प्रमोक्ष १८ वृत्ति ७
अनुशासक ६ च ब व्यतिवृत्ति ४
अनेक १४ चित् १५ बन्ध १५ श
अनंतसंख्य २९ चैतन्य ८ बुद्धि १५ शून्य १७
अबाध्यसिद्धान्त १ ज बोध १२ ष
अमर्त्यपूज्य १ जड १५ ब्रह्मचारी ११ षड्जीवकाय २९
अम्बर १५ जिन १ भ स
असत् २५ ज्ञान १२ भव १८,२९ सत् २५,२८
आ म सत्ता ८
आत्मतत्त्व ९ त माया १०,१३ सदृश २५
आदेशभेद २३ तन्मात्रा १५ मितात्मवाद २९ सप्तभंग २३
आप्तमुख्य १ द मुक्त २९ सुगत १६
उ दुर्नोति २७,२८ मुक्ति ९ संवित् ९,१६
घ संविदद्वैत (विज्ञाना-
मुनि १० द्वैत ) १६
उत्पादविनाश २१ धर्मधर्मि ७ मोक्ष १५ स्मृतिभंग १८
उपाधि २४ न व स्याद्वाद ५
ए नय २८ यथार्थवाद २ स्वयंभू १
एक १४ नाशि २५ व ह
एकान्तवाद २७ नास्तिक २० वर्धमान १ हिंसा ११