स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary
आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा
DevanagariHindipublished458 पृष्ठ
पृष्ठ 330, कुल 458 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 330
७८२
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...] ॥१०६॥ [अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...] ॥१०७॥ [अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...] ॥१०८॥ [अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
[अस्पष्ट...]
(टिप्पणी: यह पृष्ठ अत्यधिक धुंधला (faded/washed out) होने के कारण देवनागरी पाठ प्रायः अपाठ्य है। केवल कुछ श्लोक संख्याएं एवं धुंधले अक्षर ही आभासित होते हैं।)