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सर्वकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

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(१४)

(स्वरोदय विज्ञान)

नक्शा - १

लग्न या राशि | यात्रा की दिशाएं
स्वरानुसार | कालज्ञान | शुभ कार्यों का वर्णन जो स्वर्गों में किये जाते हैं
---|---|---|---
वृष, कर्क
कन्या | पश्चिम
दक्षिण | चार, आठ, बारह
या बीस दिन चले
तो योगी की आयु
बढ़ें | ब्याह करना, दान देना,
तीर्थ करना वस्त्र या
भूषण बनवाना या पहनना,
घर जाना,
वृश्चिक
मकर | | | पुस्तक लेना, योगाभ्यास करना,
प्रीति करना, औषधि देना, पानी
मीन | | | पीना, दीक्षा मन्त्र लेना-देना,
बाग या गुफा बनवाना,
अन्न बोना इत्यादि
मेघ, सिंह | पूर्व | ८ पहर १६ पहर २ दिन
३ वर्ष २ वर्ष १ वर्ष | शुद्ध करना, भोजन करना,
स्नान करना, मैथुन करना,
तुला, कुंभ | उत्तर | १६ दिन चले १ मास | विवाह करना, हाथी, घोड़ा
मिथुन
धन | | १ मास २ दिन | या हथियार लेना, विद्या
पढ़ना, मंत्र जपना, ध्यान
करना, कर्ज, देना-लेना।

के काम करना