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सुश्रुत संहिता

सुश्रुत संहिता

Sushruta Samhita

महर्षि सुश्रुत (व्याख्याकार: अत्रिदेव गुप्त) द्वारा

स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास - अत्रिदेव गुप्त कृत हिन्दी व्याख्या · मोतीलाल बनारसीदास, वाराणसी (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished872 पृष्ठ

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सुश्रुतसंहिता

(३) मूषंगता:—
श्रीवागता: | २४ | नीले २ मन्त्र्ये २ = ४
मातुका = ८
कृकाटिकयो: = २
विधुरयो: = २


१६
---|---|---
हतुगता: | १६ | सन्धिषसंबन्धिन्यौ = २
जिह्वागता: | १६ | रसवेदिन्यौ = २
वाक्प्रवर्तिन्यौ = २


४
नासागता: | २४ | गन्धवेदिन्यौ = २
ताखुनि = १


३
नेत्रगता:
ललाटे नासानेत्रगता: | ५६ | उन्मेष निमेषक्रिये अपांगा = ६
२ २ २
केशान्तानुगता आवर्त स्थपनि = ७
४ २ १


१३
कर्णगता: | १६ | शब्दवाहिन्यौ शंखसंधिगते = ४
२ २
शिरोगता: | १२


१६४


७०० | उत्क्षेपयो: सीमन्तेषु अधिपति = ८
२ ५ १

५०

६८