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सुश्रुत संहिता

सुश्रुत संहिता

Sushruta Samhita

महर्षि सुश्रुत (व्याख्याकार: अत्रिदेव गुप्त) द्वारा

स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास - अत्रिदेव गुप्त कृत हिन्दी व्याख्या · मोतीलाल बनारसीदास, वाराणसी (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished872 पृष्ठ

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सुश्रुतसंहिता

अस्थिसंख्याविवरणम् (२)

अस्थिनामानिसंप्रदेचरकेसुश्रुतेप्रत्यक्षशारीरे
ग्रीवायाम्१३१५६पृष्ठवंशे
कंठनाड्याम्४—४गणितानि
हनुबन्धने२२३२ऊर्ध्वहनु
दन्ताः३२३२
दन्तोद्गुलानि३२३२नगणिता
नासायाम्३१३
शिरसि६शिरःकपाठानि ४६शिरःकपाठानि
गण्डास्थिनी२१२
कर्णास्थिनी२—२
जनु२२—
ताणु१११
हृन्वस्थि११—
ललाटास्थि——
—
जतुकास्थि
क्षभर्रास्थि
नासाशुक्रिके
नासामध्यसिरिका
अभुपीठे
एवं ग्रीवाशिरोस्थीनि,१००६४६३केवल शिरोस्थीनि
एवम् शरीरेऽस्थि—
संख्या—३६०२६०३००†२००

† केवल वृत्तसंख्याकानि कर्णितरास्थीन्यन्तर्गम्य २०६ संख्यामस्यां नृवते ।