सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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व का - का पू
∴ ---------------- = १६°४६'·५
२
∴ व का - का पू = ३३°३६'
∴ व का = ५४°४३'·५
और का पू = २१°४'·५
∴ सूर्योदय से १६ घड़ी ११·५ पल पर उदय लग्न ५४°४३'·५ और अग्रा
२१°४'·५
∴ इस समय त्रिभोन लग्न = ५४°४३'·५ - ६०° = ३२४°४३'·५
और इस समय विषुवकाल = ४३°
∴ च व = ६०° - ४३° = ४७°
स्परे ४७°
∴ स्परे व म = ---------------
कोज्या २३°२७'
∴ लरि स्परे व म = लरि स्परे ४७° - लरि कोज्या २३°२७'
= १०.०३०३ - ९.९६२५ = १०.०६७८
∴ व म = ४६°२७'
∴ सायन मध्यलग्न = ३६०° - ४६°२७' = ३१०°३३'
∴ मध्यलग्न की क्रान्ति ज्या = ज्या ३१०°३३' × ज्या २३°२७'
= - ज्या ४६°२७' × ज्या २३°२७'
लरि क्रान्तिज्या = ९.८५०७ + ९.५६६६ = ९.४२०६
∴ क्रान्ति = १७°३६' दक्षिण
काशी का अक्षांश = २५°२०'
मध्यलग्न का नतांश = ४२°५६'
मध्य लग्न और त्रिभोन लग्न का अन्तर = ३२४°४३'·५ - ३१०°३३'
= १४°१०'·५
कोज्या ४२°५६'
∴ त्रिभोन लग्न की नतांश कोटि ज्या = -----------------
कोज्या १४°१०'·५
∴ लरि नतांश कोटिज्या = लरि कोज्या ४२°५६' - लरि कोज्या
१४°१०'·५
= ९.८६४६ - ९.९८६५ = ९.८७८१
∴ त्रिभोन लग्न का नतांश = ४०°५७'
सूर्य की १ घड़ी की गति = १'·०२३
सूर्य की २० पल की गति = ·३४१