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सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary

सन्त सुन्दरदास जी द्वारा

DevanagariHindipublished284 पृष्ठ

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काम क्रोध लोभादि । राजा-राम, परमात्मा । धनुष-ध्यान
या रामनाम । कमर-हृदय । तरकस-बाण, विचार । सावज-
शिकार, मन । जुहार-निवेदन, अर्पण ।
(३०) शुक-ज्ञानी गुरुदेव । कोकिल-कोयल, विचार-
वान पुरुष । सारस-अविवेकी व्यक्ति । हंस-विवेकी जन ।
मुक्ताफल-गूढ, सार अर्थ । मानसरोवर-हृदय । न्हाहि-प्रसन्न
होते है । करक-दोष ।
(३१) द्विज-ब्राह्मण, जीव । भ्रष्टक्रिया-सांसारिक
भोगविलास । ठोर-परमपद, परमानन्द ।

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