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सर्वकोश
सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)

सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)

Sudama Charit of Mahakavi Narottamdas with Commentary

महाकवि नरोत्तमदास द्वारा

DevanagariHindipublished108 पृष्ठ

पृष्ठ 96, कुल 108 में से

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पृष्ठ 96

परिशिष्ट
पाठ-भेद
‘सुदामा-चरित’ की कुछ प्रतियों में निम्नलिखित छन्द भी मिलते हैं :
मंगलाचरण
छन्द १, २, ३ के स्थान पर निम्नलिखित प्रथम दो छन्द मिलते हैं :
गनपति कृपानिधान, विद्या, वेद, विवेक जुत ।
देहु मोहिं बरदान हर्ष सहित हरिगुन कहौं ॥१॥
हरि चरित्र बहु भाई सेस दिनेस न कहि सकैं ।
प्रेम सहित चित लाइ सुनौ सुदामा की कथा ॥२॥
सुदामा
चंद को मित्र चकोर सदा तेइ भोजन आग विरंचि ने दीनी ।
पंकज कौ हितु द्यौसपती हिम जारत ताहि यहै प्रन लीनो ॥
कर्मबली सुनु री अबला ! नित संग रहै सबकै पुर तीनो ।
लच्छिमी-नाथ सखा जिनके तिनके घर बास दरिद्र ने कीनो ॥३॥
दोहा
मान-बड़ाई प्रेम-रस गरु आपन औ नेहु ।
ये पांचौ तबही गये जबै कही कछु देहु ॥४॥