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सर्वकोश
श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

श्री चैतन्य चरितामृत (कृष्णदास कविराज गोस्वामी - सम्पूर्ण आदि, मध्य एवं अन्त्य लीला)

Sri Chaitanya Charitamrita of Krishnadas Kaviraj with Hindi Commentary

श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा

DevanagariHindipublished2,549 पृष्ठ

पृष्ठ 851, कुल 2549 में से

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पृष्ठ 851

अमृतानुकणार्मे उद्धृत ग्रन्थादि-तालिका
उपदेशामृत—5/142-143; गीता—13/80; चैतन्यभागवत—3/4; छान्दोग्य-भाष्य—9/276; जावालोपनिषद्—3/4;
नारायणसंहिता—9/276; न्यायरक्षामणि—5/142-143; बृहदारण्यक—13/80; ब्रह्मवैवर्त्त-पुराण—3/4; ब्रह्मसूत्र—9/276;
ब्रह्मसूत्र (मध्वभाष्य)—9/276; भागवत—3/4, 9/276, 13/80; मध्वमत-प्रकाशक—9/276; महाभारत—9/276;
महाभारत-तात्पर्य—9/276; माठर श्रुति—9/276; मनुसंहिता—3/4; मुण्डकोपनिषद् (मध्यभाष्य)—9/276; रघुनन्दन—3/4;
शिवार्क-मणिदीपिका—5/142-143; श्रुति—13/80।
अमृतानुकणिकामे उद्धृत ग्रन्थादि-तालिका
उज्ज्वलनीलमणि—2/5, 2/66-70; गरुड़पुराण—9/192; गीता—8/57, 59; 9/192; दानकेलिकौमुदी—2/61;
नारद-पञ्चरात्र—8/57, 60; भक्तिरसामृतसिन्धु—8/67; 9/94-96; भक्तिसन्दर्भ—8/68; भागवत—8/59, 63, 67-68,
97-99; 9/94-96; महाभारत—8/57; माठरश्रुति—8/67; विदग्धमाधव—8/1; श्रुति—8/59;
। iii