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सर्वकोश
श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

Sri Bhashya of Bhagavad Ramanujacharya with Commentary

भगवद् रामानुजाचार्य (सम्पादक: स्वामी वासुदेवाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished696 पृष्ठ

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( ६३६ )
एतेन पादचतुष्टयोक्तन्यायकलापेन, सर्ववेदांतेषु जगत्
कारण प्रतिपादनपराः सर्वे वाक्य विशेषाः चेतनविलक्षण सर्वज्ञ
सर्वशक्ति ब्रह्म प्रतिपादनपरा व्याख्याताः । “व्याख्याताः” इति
पदाभ्यासो अध्याय परिसमाप्ति द्योतनार्थः ।
इस अध्याय के चारों पादो का जिस प्रणाली से विवेचन किया
गया है, उससे निश्चित होता है कि—समस्त वेदांतशास्त्र के जगत प्रति-
पादक विशेष वाक्यों में, जडचेतन से विलक्षण सर्वज्ञ सर्वशक्ति संपन्न
ब्रह्म का प्रतिपादन ही, एकमात्र तात्पर्य है । “व्याख्याताः” पद की द्विरुक्ति
अध्याय समाप्ति की सूचिका है ।
प्रथम अध्याय समाप्त