सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
स्पन्दकारिका (भट्ट कल्लट स्पन्दवृत्ति व हिन्दी व्याख्या सहित)

स्पन्दकारिका (भट्ट कल्लट स्पन्दवृत्ति व हिन्दी व्याख्या सहित)

Spanda Karika with Spanda Vritti & Hindi Commentary

महर्षि वसुगुप्त / भट्ट कल्लट द्वारा

स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास · मोतीलाल बनारसीदास · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished190 पृष्ठ

पृष्ठ 184, कुल 190 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 184

१७४ स्पन्दकारिका
सर्वशून्यता ७१ संवित् १६, १९, २२, २३, २५, २९, ६७,
सर्वशून्य-वाद ७२ ७७, ८८, ९३, ९४, १०२
सर्वज्ञत्त्व ५८ संवित्-भट्टारिका ३९, ४२, ४९, ५६, ८९
सहजविद्या ११२ संवृति-सत्य ७३
सहज-स्वातन्त्र्य ४५ संवेदन १२०
सामरस्य ६५ संसार दशा ४५, ४९, ५६, ५९, ६५, ८७
सामान्य-प्राणना ४१ संस्कार ३६
सामान्य-स्पन्द ९२, ९३, १०१, १०३, १०५, संस्कार-सिद्धान्त ४०
१४० संस्कृत-विकल्प १०३
सामान्य स्पन्दमयी } ६९ स्पन्द-तत्त्व ४४, ५०, ७७, १०१ १३४,
अहंता १४३
सामान्य-स्पन्दमयी } ७०, ११३, १३९ स्पन्दरूपता ६७
शाक्त-भूमिका स्पन्द-शक्ति १५-१९, २१, ४६, ६७ ९३,
सामान्य-स्पन्द-शक्ति २१, २५, ९३, ११०, १०१, १३७
१४१ स्पन्दात्मक-चैतन्य ३५
सुखिता ३७, ३८, ३९, ९४, ९५, ९६ स्पन्दात्मक-स्वभाव ३५, ४५, ११५, १४०
सुप्रबुद्ध ८४, ८५, ८६, ८७ स्पन्दात्मक-स्वातन्त्र्य २८, ४५
सुप्रबुद्ध-भाव ८६, ८७ स्पन्दायमान २९, ५६
सुप्रबुद्ध-भूमिका ९५ स्पन्दमयी-पूर्णाहिन्ता ५४
सुषुप्ति ३१, ३२, ३३, ४३, ७४, ७७, ७८, स्पर्श २४, ३३, ४८, ५४, ६२, ६८, ८२,
७९, ९१, ९२ स्फुटतम-विकल्प १०२
सुषुम्णा-मार्ग ११० स्फुरणा १७, १९
सृष्टि ४५, ४८, ५६, ५८, ६४, ७२, स्फुरत्तारूपा संवित् ७५
सोम-सूर्य १०९, १२८ स्मर्यमाण ५५, ६७, ७१, ७७, ७८
सौषुप्त-पद ७७ स्मृति ३०, ३३, ४१, ७८
संकल्प ३२ स्वप्न ३१, ३२, ३३, ३४, ८५, ८९, ९४
संकल्पात्मक } २१ स्वप्न-स्वातन्त्र्य १२९, १३१
गतिमयता स्वभाव २९, ३५, ३९, ५३, ५४, ६३, ६५,
संकल्पात्मक } १५, १७, १८ ७१, ७२, १५१
स्फुरण स्वरूपाभास १४१, १४४
संकोच १८, ४८, ५५, ५८ स्वरूप-विश्लेषण १४४
संघट्ट १५६ स्वरूप-ख्याति ७५
संतान १५२ स्वरूप-विकास २५, १४३
संधि-क्षण १०६, १३७ स्वरूप-समावेश ६९