स्पन्दकारिका (भट्ट कल्लट स्पन्दवृत्ति व हिन्दी व्याख्या सहित)
Spanda Karika with Spanda Vritti & Hindi Commentary
महर्षि वसुगुप्त / भट्ट कल्लट द्वारा
स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास · मोतीलाल बनारसीदास · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें१६८ स्पन्दकारिका
अहं-विमर्श १७, २५, ६७, ८०, १४४, ई
१४७, १५६ ईश्वर ११७
अहं-विमर्शात्मक १७, २३, ३०, ५४, ८०, ईश्वर-प्रत्यभिज्ञा ५६
८४ ईश्वर-स्वरूप ८६
अहं-विमर्शमयी } ५६, ६६
(विश्वात्मक-स्फुरणा) } उ
अहं-स्फुरणामय २३
उच्छलनात्मक १७
आ उत्पलदेव २८
आकार २३, २४, २८, ५५, ५६, ६६ उदय १५
आकाश-पुष्प १९ उन्मीलन-समाधि ७०
आणव-मल ५९, ९९, १०० उन्मुखता १७, ६१, ६५
आत्मा १७, ३८, ४०, ४१, ७३ उन्मेष-निमेष १७, २१, २४, १५७
आत्म-बल ५०, ५४, ६३, ६६, १३५, १३७ उपस्थ ४६
आधिभौतिक सुखवाद ४१ उपाधियां ४१, ४३, ४४
आन्तर २६, ३०, १३९ उपाधिविशिष्ट } ३६, ३७
आन्तर-चक्र ४८ आत्मवाद }
आनन्दात्मक स्वातन्त्र्य २ ऊ
आनन्द-शक्ति १९, २६, ५५, ५९ ऊर्ध्व-मार्ग १११
आनन्द-स्वरूप २३ ऊर्मि १७, ६५
आवरण २५, २८, ४८, ५३, ८०, ८७, ९५, अं
९९, १०२ अंतर्मुख-स्पन्द २१, ६५, ८३
आवागमन ६७, ६९ अंतर्विमर्श २६
आश्चर्यमानता ६९ क
आश्चर्य-स्पन्दरूपता ६९ करण-वर्ग ४६, ५५
आश्यानता २९ करणेश्वरी-चक्र ४५, ४६, ५५
कर्तृता ५६, ६३, ६४, ६५, ७५, ८०, ८१
इ कर्तृत्व २२, २५, २८, ६७, ८०, ८४
इच्छा-शक्ति २०, २१, २२, ५०, ५३, ५८, क्रम २९
६४, ८६, ९७ क्रम-मुद्रा ६९, ७०
इदन्ता ६१, ७१ कला २२, ६२, ८८, ९६
इदम् १८, २१, ९७ कला-समूह १४५, १४६, १५०
इदं-रूपता २५ कार्म-मल ५९
इन्द्रिय-वर्ग ४७ कार्यता २८, ८०, ८१
इष्यमाण-विश्वकल्पना २०