सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सौन्दर्यलहरी (आदि शङ्कराचार्य - सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)

सौन्दर्यलहरी (आदि शङ्कराचार्य - सचित्र हिन्दी अनुवाद सहित)

Soundarya Lahari of Shankaracharya Hindi

श्रीमदादि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Soundarya Lahari with Shlokas, Yantras & Hindi Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished415 पृष्ठ

पृष्ठ 166, कुल 415 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 166

१२०
सौंदर्य लहरी

नीचे शारदातिलक के अनुसार वर्ण माला का पाँचों तत्त्वों, छःओं चक्रों, और ईड़ा, पिंगला, और सुषुम्ना तीनों नाड़ियों से संबंध एक नकशे (chart) द्वारा दिखलाया जाता है ।

षट् चक्र
पं० महाभूतविशुद्धअनाहतमणिपूरस्वाधिष्ठानमूलाधारआज्ञागुरु चक्र
ह्रस्वदीर्घ
वायुअआ, एक्च्ट्✕त्प्✕य्✕ष्✕✕
अग्निइई, ऐख्छ्ठ्✕थ्फ्✕र्✕✕क्ष✕
पृथिवीउऊ, ओग्ज्✕ड्द्✕ब्ल्✕✕✕ॐ
जलऋॠ, औघ्झ्✕ढ्ध्✕भ्✕व्✕✕✕
आकाशऌॡ, अंङ्ञ्✕ण्न्✕म्✕श्✕ह्✕
लिंगपुमान्स्त्रीनपुंसक
नाड़ीपिंगलाईडासुषुम्ना
वर्णभेदईडा (चन्द्र)<br>स्वराःपिंगला (सूर्य)<br>स्पर्शाःसुषुम्ना (अग्नि)<br>व्यापिकाः

अनुस्वार = पुमान्, विसर्ग = शक्ति.