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सर्वकोश
शिवज्ञानबोध (मेय्कण्डार - शैव सिद्धान्त का आधारभूत दार्शनिक सूत्र ग्रन्थ)

शिवज्ञानबोध (मेय्कण्डार - शैव सिद्धान्त का आधारभूत दार्शनिक सूत्र ग्रन्थ)

Sivajnanabodham of Meykandar (Shaiva Siddhanta)

आचार्य मेय्कण्डार / मेयकण्ड देव द्वारा

DevanagariSanskritpublished176 पृष्ठ

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पृष्ठ 39

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शिवज्ञानबोधम्।
स्त्रीपुन्नपुंसकादित्वाज्जगतः कार्यदर्शनात्।
अस्तिकर्ता स हृत्त्वैतत्सृजत्यस्मात्प्रभुर्हरः॥ १.
अन्यस्सन्व्याप्तितोऽनन्यः कर्ता कर्मानुसारतः।
करोति संसृतिं पुंसामाज्ञया समवेतया॥ २.
नेतीतो ममतोद्रेकादक्षोपरतिबोधतः।
स्वापे निर्भोगतो बोधे बोद्धृत्वादस्त्यणुस्तनौ॥ ३.
आत्मान्तःकरणादन्योऽप्यन्वितो मन्त्रिभूपवत्।
अवस्थापञ्चकस्थस्स्यान्मलरुद्धस्वदृक्क्रियः॥ ४.
विदन्त्यक्षाणि पुंसार्थान्न स्वयं सोऽपि शम्भुना।
तद्विकारी शिवश्चेन्न कान्तोऽयोवत्स तं नयेत्॥ ५.
अदृश्यं चेदसद्भावो दृश्यं चेज्जडिमा भवेत्।
शम्भोस्तद्व्यतिरेकेण ज्ञेयं रूपं विदुर्बुधाः॥ ६.