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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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सिद्धन्त दर्पण
विषय श्लोक स० पृष्ठ स०
निर्माण के पूर्व ग्रह पूजा की आवश्यकता ४
भूगोल और मेरुदण्ड ६
निर्माण और स्थापन ८
आधार कक्षा और क्षितिज वृत्त जोड़ना ११
नाड़ी वलय और द्युरात्रि वृत्त बान्धना १४
दो फलकों का न्यास १६
अक्षांश वलय लगाना १७
उनको स्थिर करना अपमण्डल बान्धना २०
स्वस्तिक निर्णय २२
विमण्डल तथा उन्मण्डल बान्धना २३
क्षितिज वृत्त सबसे बड़ा २७
भूगोल बनाने के बाद ग्रह नक्षत्र लगाना २९
ग्रह वलन और प्रवह गति ३०
लंका और ख स्वस्तिक की स्थिति ३१
सभी ६ वृत्तों में खगोल रचना ३२
सममण्डल तथा दृङ्मण्डल का योग ३३
गोल स्थापन की विधि ३४
चक्रार्द्ध दर्शन तथा गोल भ्रमण ३९
प्राचीन मत से एक कक्षा यन्त्र ४२
नया बहु कक्ष यन्त्र ४४
ग्रह चलन देखने के लिए बहुकक्ष यन्त्र ४५
घन चक्र जोड़ी लगाना ४६
भू चन्द्र की स्थिति ५०
अन्य ग्रहों की स्थिति ५१
सूर्य के चारों ओर ग्रह भ्रमण ५३
ग्रह कक्षा का अंगुल मान ५७
ग्रह चक्र के लिये यष्टि ६१
वलयों में अन्तर कम या अधिक करना ६२
यष्टि चलाने की विधि ६३
भूकक्षा में ग्रह देखने की विधि ६६
अन्य प्रकार से भूकक्षा निर्माण ६७
सीधी तथा वक्र गति देखना ७२