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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

पृष्ठ 544, कुल 609 में से

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! तु र ग ष ड् ध र ण ् य ः->तुरगषड्धरण्यः! तुरग = ७ (horses, like Saptashva)! षड् = ६! धरणी = १! तुरग (७) षड् (६) धरणी (१) = १६७! WOW! That is fantastic! तुरगषड्धरण्यः! Let's check the letters: तु र ग ष ड् ध र ण ् य ःYes,तुरगषड्धरण्यः`!

Line 31:
खार्थाग्निचन्द्रा (१३५०) अथवर्द्धमाने (५७)
Wait, ख (०) अर्थ (५) अग्नि (३) चन्द्रा (१) = १३५०!
खार्थाग्निचन्द्रा (१३५०) अथवर्द्धमाने (५७)
Wait, अथवर्द्धमाने or अथवर्द्धमाने? अथवर्द्धमाने.

Line 32:
द्व्यंगेन्दवः (१७२) खांकगुणेन्दवश्च (१३९०)
Wait, द्व्यङ्ग (२, ७?)
द्वि (२) अङ्ग