सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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शत्रुओं का दमन श्रेष्ठ है यह प्रतिपादित किया ।
कल्कि अवतार
निर्धूली धूमाधारा धरनि कर नभो मध्य विद्योतमानं
द्योत् प्राग् भार भास्वद् भ्रमकर कर युङ् मण्डलाग्रं प्रचण्डः
स्वाधाराधीर घोरोद्धर तुरंग सुरक्षोदित क्षोणिरेणु
च्छन्नच्छायेन ईशोदिशतु दशको म्लेच्छविच्छेदकृच्छम् । ४० ।
भगवान् अपने कल्कि अवतार द्वारा हमारा मंगल करें । धूलि, धूम और मेघ
से शून्य स्वच्छ आकाश में दशम अवतार कल्कि का प्रकाश होगा । उनके शरीर
के ऊपरी भाग से तेज निकलेगा (मुख और आंखो से अग्नि) । तथा हाथों में
तीक्ष्ण खड्ग (करवाल) सूर्य की भ्रांति भ्रमण करेगा । उनके भंयकर रूप तथा
भयानक अश्व की गति से पृथ्व खाली हो जायेगी और म्लेच्छों का संहार होगा ।
उससे उत्पन्न धूलि से स्वयं सूर्य ढंक जायेगा ।
जगन्नाथ स्तुति
मत्स्याद्या कल्कि रूपं दशविधतनू भाक् सिद्ध (२४) संख्यात्ममूर्तिद्