सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
पृष्ठ 203, कुल 609 में से
संदर्भ में पढ़ें"?
Wait, look at "मस्पृजद्दामैत":
Yes, it looks like 'मस्पृजद्दामैत' or 'मसृजद्दामैत' with a broken 'स'.
Let's look at the letter closely: it has 'स', and directly under/after it, a curve.
Wait, let's look at "मीशं भजे":
'म' + 'ी' + 'श' + 'ं' = मीशं, then space, 'भ' + 'ज' + 'े' = भजे.
Let's check L23:
"के लिए जिस प्रभु ने ब्रह्म को ग्रह सृष्टि करने का आदेश दिया था । तथा ब्रह्म"
Wait, is it "ब्रह्म" or "ब्रह्मा"?
In L23: 'ब' + '्' + 'र' + 'ह' + '्' + 'म' = 'ब्रह्म'. No 'ा' matra!
Then at the end of L23: "तथा ब्रह्म" - again 'ब्रह्म', no 'ा' matra.
Let's check L27:
"इत्युत्कलो ज्जवल नृपाल कुल प्रसूत ।"
Wait: "इत्युत्कलो ज्जवल" -> 'इत्युत्कलो' space 'ज्जवल'.
Wait, is it 'ज्जवल' or 'ज्ज्वल'?
Look at L27: 'ज' + '्' +