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सर्वकोश
शिव संहिता (भगवान् शिव प्रणीत - हठयोग एवं राजयोग सटीक)

शिव संहिता (भगवान् शिव प्रणीत - हठयोग एवं राजयोग सटीक)

Shiva Samhita with Hindi Commentary

भगवान् शिव / पं. मिहिरचन्द्र द्वारा

DevanagariSanskritpublished216 पृष्ठ

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पृष्ठ 210

( २०६ ) शिवसंहिता भाषाटीकासमेता ।
तिं तद्गुणाधिकम् ॥ ब्रह्मादीनां प्रभुं नाना-
सर्वभूषणभूषितम् ॥ ९ ॥ द्वीपिचर्मावृतं
शश्वदथवापि दिगंबरम्॥भस्मोद्धूलितस-
र्वांगं ब्रह्ममूर्धौघमालिनम् ॥१०॥तथैव चं-
द्रखंडेन विराजितजटातटम् ॥ गंगाधरं
स्मरमुखं गोक्षीरधवलोज्ज्वलम् ॥ ११ ॥
कंदर्पकोटिसदृशं सूर्यकोटिसमप्रभम् ॥
सृष्टिस्थित्यंतकरणं सृष्टिस्थित्यंतवर्जि-
तम् ॥ १२ ॥ पूर्णेन्दुवदनांभोजं सूर्यसो-
माग्निवर्चसम् ॥ सर्वांगसुंदरं कंबुग्रीवं चा-
तिमनोहरम् ॥ १३ ॥ आजानुबाहुं पुरुषं
नागयज्ञोपवीतिनम् ॥ पद्मासनसमासी-
नं नासाग्रन्यस्तलोचनम् ॥ १४ ॥ वाम-
देवं महादेवं गुरूणां प्रथमं गुरुम् ॥ स्वयं-
ज्योतिःस्वरूपं तमानंदात्मानमद्वयम्
॥ १५ ॥ यतो हिरण्यगर्भोयं विराजो
जनकः पुमान् ॥ जातः समस्तदेवानाम्-
न्येषां च नियामकः ॥१६॥ नीलकंठम-
मुं देवं विश्वेशं पापनाशनम् ॥ हृदि पद्मे