शिल्परत्नम् (श्रीकुमार - प्राचीन भारतीय चित्रकला, धातुकर्म, यन्त्र एवं स्थापत्य सटीक)

शिल्परत्नम् (श्रीकुमार - प्राचीन भारतीय चित्रकला, धातुकर्म, यन्त्र एवं स्थापत्य सटीक)
Shilparatnam of Shrikumara with Commentary
श्रीकुमार (सम्पादक: टी. गणपति शास्त्री) द्वारा
DevanagariSanskritpublished280 पृष्ठ
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राज--> wait, look at the letter between 'ल' and 'म': it isभाorग्ना? It looks like भा. Wait, look at पीनोत्तुङ्गस्तनार्ता: पी नो त्तुम् ग्ग स्त ना र्ता -> पीनोत्तुङ्गस्तनार्त्ता? It has पीनोत्तुङ्गस्तनार्ता`.
न्मुण्डस्रङ्खण्डिताङ्गीमरुणतरदुकूलानुलेपां नमामि^२ ॥ ६७ ॥
Wait, look at न्मुण्ड:
न्मुण्डस्रङ्खण्डिताङ्गीमरुणतरदुकूलानुलेपां नमामि^२ ॥ ६७ ॥
Wait, the footnote २ is above मि:
नमामि² ॥ ६७ ॥
अथ भूमिः —
मुख्याम्भोजे निविष्टारुणचरणतला श्यामलाङ्गी मनोज्ञा
चञ्चच्चाल्यग्रचुम्बच्छुकलसितकरैप्रान्तनीलोत्पला च ।
Wait, करैप्रान्त or करप्रान्त?
Look at करैप्रान्त: above 'र' there is an ai-matra! करैप्रान्तनीलोत्पला च ।
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