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सर्वकोश
शिल्परत्नम् (श्रीकुमार - प्राचीन भारतीय चित्रकला, धातुकर्म, यन्त्र एवं स्थापत्य सटीक)

शिल्परत्नम् (श्रीकुमार - प्राचीन भारतीय चित्रकला, धातुकर्म, यन्त्र एवं स्थापत्य सटीक)

Shilparatnam of Shrikumara with Commentary

श्रीकुमार (सम्पादक: टी. गणपति शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished280 पृष्ठ

पृष्ठ 105, कुल 280 में से

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पृष्ठ 105

with व underneath.
Here, underneath द is a द or ध?
Wait, look at द्धि: तद्धि?
Wait, does तद्धि make sense? तद् दिशिखान्वितम्? No, तद् द्विशिखान्वितम्?
Wait, is it तद्द्विशिखान्वितम्? If it's द् + द्वि, the meter would be:
शू-ल-व्या-स-स-मं-म-ध्य-च्छि-द्रं-त-द्द्वि-शि-खा-न्वि-तम्
Let's count syllables:
1: शू (L)
2: ल (S)
3: व्या (L)
4: स (S)
5: स (S)
6: मं (L)
7: म (S)
8: ध्य (L) -> Wait! मध्यच्छिद्रं has च्छि!
Wait:
1: शू
2: ल
3: व्या
4: स
5: स
6: मं
7: म
8: ध्यम्? No, मध्यच्छिद्रं is in the second pāda!
Let's recount pāda 1:
1: शू (L