शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 347, कुल 356 में से
संदर्भ में पढ़ेंरोगपरक-सूची 311
सूचिकाभरण रस 197 धूमपान-विधि 252 ( शिरःस्फोट रोग )
सर्पविपनाशक अञ्जन 288 ( दुष्टव्रण रोग ) कासीसादि घृत 149
83. विसंज्ञ-मूर्च्छा रोग दशांग लेप 258 89. शुक्ररोग
प्रधमन नस्य 246 शोधन-रोपण लेप 266 रास्नासप्तक क्वाथ 97
विरेचन नस्य 245 87. शर्कराश्मरी-पथरी रोग चन्द्रप्रभा बटी 133
84. विसर्प रोग वीरतर्वादिक क्वाथ 98 योगराज गुग्गुलु 135
पानीयकल्याणक घृत 148 एलादि क्वाथ 99 गोक्षुरादि गुग्गुलु 137
महापञ्चतिक्त घृत 148 दशमूलारिष्ट 171 च्यवनप्राशावलेह 140
कासीसादि घृत 149 88. शिरोरोग बलादि तैल 154
गौराद्य घृत 150 त्रिफला मोदक 137 कुमार्यासव 167
पञ्चतिक्त घृत 152 मयूर घृत 151 स्नेह-सेवन 213
कनकसुन्दर रस 205 विरेचन 225-229 90. शूक रोग
वमन 221-224 विरेचन नस्य 245 कासीसादि घृत 149
दशांग लेप 258 बृंहण नस्य 247 91. शूल रोग
रक्त निर्हरण 272 रक्तचन्दनादि लेप 259 निदिग्धिकादि क्वाथ 94
वातविसर्पहर लेप 263 रक्त निर्हरण 272 पुनर्नवादि क्वाथ 100
पित्तविसर्पहर लेप 263 ( अकालपलित रोग ) दशमूल क्वाथ 93, 98
कफविसर्पहर लेप 263 निम्बबीज तैल 158 कट्फलादिचूर्ण 120
85. विसूचिका-हैजा रोग नीलिकादि तैल 158 बृहत्कट्फलादि चूर्ण 120
महाखांडव चूर्ण 123 भृंगराज तैल 159 पञ्चसम चूर्ण 124
संजीवनी बटी 132 अभ्रक भस्म 181 तुम्ब्रुवादि चूर्ण 125
अजीर्णकटक रस 204 लोह रसायन 208 यवानीखाण्डव चूर्ण 126
विरेचन 225-229 अभयादि मोदक 227 लवणभास्कर चूर्ण 127
अग्निदाह-विधि 275 बृंहण नस्य 247 चन्द्रप्रभा वटी 133
86. व्रण-फोड़ा रोग प्रतिमर्श नस्य 248 कांकायन वटी 134
गाङ्गेरुकी-स्वरस 87 पलितनाशक लेप 260 षड्बिन्दु घृत 149
न्यग्रोधादि क्वाथ 99 ( अर्धशिरो रोग ) दशमूलारिष्ट 171
पञ्चवल्कल क्वाथ 103 पथ्यादि क्वाथ 100 लोकनाथ रस 192
निम्बपत्र कल्क 112 ( अर्धावभेदक रोग ) नाराच रस 198
कैशोर गुग्गुलु 136 बृंहण नस्य 247 स्वच्छन्दभैरव रस 200
काञ्चनार गुग्गुलु 137 आधाशीशी पर लेप 264 गजकेसरी रस 204
कासीसादि घृत 149 सभी शिरोरोगों पर लेप 264 विरेचन 225-229
जात्यादि घृत 149 ( शिरोग्रह रोग ) निरूहण वस्ति 237
गौराद्य घृत 150 नारायण तैल 153 ( अंगशूल रोग )
त्रिफलादि तैल 158 ( दारुण रोग ) शतावरी तैल 156
जात्यादि तैल 159 नीलिकादि तैल 158 ( आमशूल रोग )
स्नेह-सेवन 213 ( सूर्यावर्त रोग ) धान्यपञ्चक क्वाथ 95
विरेचन 225-229 बृंहण नस्य 247 ह्रीबेरादि क्वाथ 96
अभयादि मोदक 227 क्षीरपाक-विधि 105