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शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

पृष्ठ 342, कुल 356 में से

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पृष्ठ 342

306 | शार्ङ्गधरसंहिता
गुडूची रसक्रिया 286 | बब्बूल रसक्रिया 286 | 55. पित्तज रोग
( नेत्रदाह रोग ) | 52. परिकर्तिका रोग | वासक स्वरस 86
दार्व्यादि रसक्रिया 286 | नारायण चूर्ण 123 | पर्पटादि क्वाथ 91
( नक्तान्ध्य रोग ) | 53. परिणामशूल रोग | विलेपी प्रयोग 106
पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | विष्णुक्रान्ता कल्क 113 | यवमंड 107
रसाञ्जन वर्ति 285 | 54. पाण्डुरोग | लाजमंड 107
पुनर्नवा रसाञ्जन 286 | पुनर्नवादि क्वाथ 96, 100, 101 | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट 108
लेखनाञ्जन 287 | वर्धमानपिप्पली कल्क 112 | निम्बपत्र कल्क 112
( पटल रोग ) | नारायण चूर्ण 123 | त्रिफलां चूर्ण 117
पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | हपुषादि चूर्ण 124 | सितोपलादि चूर्ण 127
( पक्ष्म रोग ) | हिंग्वादि चूर्ण 126 | योगराज गुग्गुलु 135
दार्व्यादि रसक्रिया 286 | यवानीखाण्डव चूर्ण 126 | च्यवनप्राशावलेह 140
बब्बूल रसक्रिया 286 | तालीसादि चूर्ण 127 | लाक्षादि तैल 152
( नेत्रपुष्प रोग ) | चित्रकादि चूर्ण 125 | वसन्तकुसुमाकर रस 198
वटक्षीर रसाञ्जन 285 | बाहुशाल गुड़ 130 | पानीयकल्याणक घृत 148
पुनर्नवा रसाञ्जन 286 | मण्डूर बटक 133 | वमन 221-224
चूर्णाञ्जन (लेखन) 287 | पिप्पली मोदक 133 | विरेचन 225-229
( भ्रू-रोग ) | चन्द्रप्रभा बटी 133 | बृंहण नस्य 247
त्रिफला मोदक 137 | योगराज गुग्गुलु 135 | स्नैहिक गण्डूष 255
( नेत्ररक्त रोग ) | कैशोर गुग्गुलु 136 | ( विड्भंग रोग )
दार्व्यादि रसक्रिया 286 | कुटजावलेह 142 | नारायण चूर्ण 123
( लिङ्गनाश रोग ) | कामदेव घृत 147 | मसूर घृत 147
गुडूची रसक्रिया 286 | पानीयकल्याणक घृत 148 | ( शरीरदुर्गन्ध रोग )
( वर्म रोग ) | महापंचतिक्त घृत 148 | लाक्षादि तैल 152
तुत्थादि रसक्रिया 285 | शतावरी तैल 156 | दुर्गन्धिनाशक योग 268
( नेत्रवात रोग ) | उशीरासव 167 | 56. प्रदर रोग
सेचन-विधि 278 | पिप्पल्यासव 168 | दार्व्यादि क्वाथ 99
नयनामृताञ्जन 288 | लोहासव 168 | गोक्षुरादि गुग्गुलु 137
( शुक्र रोग ) | खदिरारिष्ट 170 | महापंचतिक्त घृत 148
पथ्यादि क्वाथ 100, 102 | रोहीतकारिष्ट 171 | ( रक्तप्रदर रोग )
समुद्रफेनादि वर्ति 284 | दशमूलारिष्ट 171 | तण्डुलीय कल्क 114
दन्त वर्ति 285 | लोह रसायन 208 | शतावरी तैल 156
तुत्थादि रसक्रिया 285 | विरेचन 225-229 | निरूहण वस्ति 237
( नेत्रशोथ रोग ) | अभयादि मोदक 227 | 57. प्रमेह रोग
पिण्डी के योग 280 | ( हलीमक रोग ) | अमृता-स्वरस 86
( नेत्रस्राव रोग ) | हपुषादि चूर्ण 124 | त्रिफलादि स्वरस 86
दार्व्याद्रि रसक्रिया 286 | चन्द्रप्रभा बटी 133 | वटसटादि क्वाथ 99
गुडूची रसक्रिया 286 | कामदेव घृत 147 | न्यग्रोधादि क्वाथ 99