शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ
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128 शार्ङ्गधरसंहिता [मध्यमखण्डे
विबन्ध (मलबन्ध), भगन्दर, सूजन, शूल, श्वास, कास,
आमवात, हृदयशूल एवं मन्दाग्नि को नष्ट करता है। यह
अत्यन्त दीपन तथा पाचन है। प्राचीनकाल में श्रीभास्कराचार्य
ने सभी लोगों की भलाई के लिए इस चूर्ण का निर्माण किया
था।