संतबानी संग्रह (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - कबीर, दादू, तुलसी, पलटू आदि प्रमुख संतों की वाणी)
Santbani Sangrah: Belvedere Steam Printing Press Allahabad
महामहोपाध्याय पं. सुधाकर द्विवेदी एवं बेलवेडियर प्रेस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें॥ संतबानी ॥
संतबानी पुस्तक-माला के छापने का अभिप्राय जगत-प्रसिद्ध महात्म...
बानी व उपदेश को जिन का लोप होता जाता है बचा लेने का है। जितनी...
हमने छापी हैं उन में से विशेष तो पहिले छपी ही नहीं थीं और जो...
सो प्रायः ऐसे छिन्न भिन्न और बेजोड़ रूप में या क्षेपक और त्रुटि से...
कि उन से पूरा लाभ नहीं उठ सकता था।
हमने देश देशान्तर से बड़े परिश्रम और व्यय के साथ हर...
दुर्लभ ग्रंथ या फुटकर शब्द जहाँ तक मिल सके असल या नकल...
मँगवाये। भर सक तो पूरे ग्रंथ छापे गये हैं और फुटकर शब्दों...
सर्व-साधारण के उपकारक पद चुन लिये हैं, प्रायः कोई पुस्तक बिना दो...
का मुक़ाबला किये और ठीक रीति से शोधे नहीं छापी गई है और क...
अनूठे शब्दों के अर्थ और संकेत फुट-नोट में दे दिये हैं। जिन महात्मा...
है उन का जीवन-चरित्र भी साथ ही छापा गया है और जिन भ...
महापुरुषों के नाम किसी बानी में आये हैं उन के वृत्तांत और कौ...
से फुट-नोट मे लिख दिये गये हैं।
दो अंतिम पुस्तकें इस पुस्तक-माला की अर्थात संतबानी स...
[साखी] और भाग २ [शब्द] छप चुकीं जिन का नमूना देख कर...
पाध्याय श्री पंडित सुधाकर द्विवेदी वैकुंठ-वासी ने गद्गद होकर...
“न भूतो न भविष्यति”।
अब कोई नई बानी किसी प्राचीन पुरुष की हमारे पास...
सिवाय कबीर साहिब और पलटू साहिब के विशेष पदों के... उन की...
नये छापे में बढ़ाये जा रहे हैं।
पाठक महाशयों की सेवा में प्रार्थना है कि इस पुस्तक-माला के उ...
उन की दृष्टि में आवें उन्हें हम को कृपा करके लिख भेजें जिस से...
छापे मे दूर कर दिये जावें।
यद्यपि ऊपर लिखे हुए कारणों से इन पुस्तकों के छापने में बहुत ख़...
है तौ भी सर्व-साधारण के उपकार हेतु दाम आध आना फी आठ पृष्ठ...
से अधिक नहीं रक्खा गया है।
प्रोप्रैटर, बेलवेडियर छापाख़...
मई सन् १६१५ ई०