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सर्वकोश
सङ्गीतमकरन्द (देवर्षि नारद - प्राचीन भारतीय सङ्गीत, राग-रागिनी वर्गीकरण व नाद-ब्रह्म)

सङ्गीतमकरन्द (देवर्षि नारद - प्राचीन भारतीय सङ्गीत, राग-रागिनी वर्गीकरण व नाद-ब्रह्म)

Sangitamakaranda of Narada (Musicology & Raga-Ragini)

देवर्षि नारद (सम्पादक: एम. आर. तेलंग) द्वारा

DevanagariSanskritpublished76 पृष्ठ

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४ सङ्गीतमकरन्दे ।
श्लोकाङ्काः विषयः पृष्ठं
३३-४७ अङ्गताललक्षणानि ... ... ... ... ... ... ४२
४८-५० तालशब्दनिष्पत्तिः ... ... ... ... ... ... ४३
५१ दशतालप्राणनिर्देशः... ... ... ... ... ... ४३
५२-५५ काललक्षणम् ... ... ... ... ... ... ४३
५६-५९ मार्गलक्षणम् ... ... ... ... ... ... ४३
६०-६७ मात्रालक्षणम् ... ... ... ... ... ... ४४
६८-७१ देशीक्रिया ... ... ... ... ... ... ... ४४
७२-७३ दक्षिणमार्गमात्रानामानि ... ... ... ... ... ... ४५
७४-७५ अङ्गानि ... ... ... ... ... ... ... ४५
७६-७७ ग्रहाः ... ... ... ... ... ... ... ४५
७८-८३ जातिनिरूपणम् ... ... ... ... ... ... ४५
८४-८८ लयकालनिरूपणम् ... ... ... ... ... ... ४६
८९-९५ प्रस्तारनिरूपणम् ... ... ... ... ... ... ४७
९६-१०० द्रुतादितालाङ्गाना पर्यायाभिधानि च ... ... ... ... ४७
नृत्याध्याये चतुर्थः पादः ।
१-९ मृदङ्गोत्पत्तितद्वादनप्रकारादिकथनम् ... ... ... ... ४८
१०-४३ नटीभावनिरूपणम् ... ... ... ... ... ... ४९