सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

Sangita Darpana of Damodara Pandita (TMSSML Edition)

दामोदर पण्डित (सम्पादक: के. वासुदेव शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished258 पृष्ठ

पृष्ठ 236, कुल 258 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 236

206
श्यामोन्वर्थस्तु विज्ञेयः सबीभत्से भयानके। इति श्यामः।
इति चतुर्धा मुखरागः।
(Sl. 126-128) Mukharaga (emotions colouring the
face)
(சு. 12-6128) முகராகம் (முகவர்ண மாறுதல்)
अथ नान्दी।
केयं नान्दी नाम उच्यते।
सूत्रधारस्य देवस्तुति समाश्रयादाशीर्वादात्मिका नान्दी।
सूत्रधारः पठेत्तत्र मध्यमं स्वरमाश्रितः।
नान्दीपदै र्द्वादशभिरष्टभिर्वाप्यलङ्कृतम् ॥ १२९॥
अत्र पदशब्देन सुप्तिङन्तं गृह्यत इत्येके।
श्लोकचरण इत्यपरे। इति नान्दी।
Sl. 129. Nandi (Benedictory verse)
சு. 129. நாந்தி (மங்கள சுலோகம்)
अथ नटलक्षणम्
चतुर्धामिनयाभिज्ञो नटोभाषादिभेदवित्। इति नटः।
नर्तकः सूरिभिः प्रोक्तो मार्गनृत्ये कृतश्रमः ॥ १३० ॥
इति नर्तकः।
Sl. 130. Nata (Dancer) and Nartaka (Expert in
classical Dance)
சு. 130. நடன் (கூத்தன்); நர்த்தகன் (புராதன நர்த்தனத்
தில் வல்லவன்)