सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)
Sangita Darpana of Damodara Pandita (TMSSML Edition)
दामोदर पण्डित (सम्पादक: के. वासुदेव शास्त्री) द्वारा
DevanagariSanskritpublished258 पृष्ठ
पृष्ठ 156, कुल 258 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 156
125
ऽ ऽ ऽ
नि श श
इत्येककल उद्घट्टः ॥
इति यथाक्षराः पञ्चमार्गताळाः ॥
अथद्विकलादि ।
नि शौ नि ताशप्रनि सं द्विकले युग्मकेमताः ॥ ७३६ ॥
ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ
नि श नि ता श प्र नि सं ।
इति द्विकलश्चच्चत्पुटः ।
नि शौ ताशौ नि समितिज्ञेयाश्चाचपुटे क्रमात् ।
ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ
नि श ता श नि सं
इति द्विकलः चाचपुटः ॥
नि प्रताशनि तानिःश ताप्रनिः सं तथोत्तरे ॥ ७३७ ॥
ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ
नि प्र ता श नि ता नि श ता प्र नि सं ।
इति द्विकलःषट्पितापुत्रकः ॥