सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

सङ्गीतदर्पण (दामोदर पण्डित - तंजौर सरस्वती महल संस्करण, सङ्गीत एवं नाट्य लक्षण)

Sangita Darpana of Damodara Pandita (TMSSML Edition)

दामोदर पण्डित (सम्पादक: के. वासुदेव शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished258 पृष्ठ

पृष्ठ 129, कुल 258 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 129

98
अष्टाशीतिरिमे हस्तपाटाः शास्त्रे प्रकीर्तिताः :—
१. वनगिनगिननगि ५. खिरिट
२. दुगिडदगिथदथों ६. खिरि खिरि
३. गिडगिधादधै ७. नरकि थरकि
४. किटतत — इति अघोरोद्भवाः
५. नदनु १. दरगिड गिडगिरा
६. खिरंतकिट २. टकुटड्ड
७. थोंगि थोंगि ३. नन गिन खरि खिरि
— इति सद्योजातोद्भवाः ४. दखें खें
१. ततकिट ५. थोंगिनगि थोंगिनगि
२. थोहन्ता ६. तत्ता
३. थोंगिन थोंथोंगिन ७. धि धि
४. थोंथों गोंगों — इति तत्पुरुषोद्भवाः
५. थों गिणतत्ता १. तडे नझें झें
६. किट थोंथों गिनखेंखें २. तिरिखु तिरिखु
७. टकुडेंडें ३. कणकणकि
— इति वामदेवोद्भवाः ४. धिधिकिटकि
१. नन गिड गिड दगिदा- ५. दिगि नगि
२. दथरिकि दथरिकि ६. थरकट
३. त कि धि कि ७. धों न कट
४. ट ग नु खु — इति ईशानोद्भवाः¹

  1. मातृकासु पाटाक्षरपाठभेदाः बहवः सन्ति तेषां मतभेदान् क्रोडीकृत्य
    अयं पाठः उद्धृतः । अपिच अयं पाठः संगीतरत्नाकरस्थात् पाठात् कचित्
    भिद्यते