सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र
Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras
आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा
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जन्म में भी हमें शुभ कर्मों की ओर ले जाने वाले
होंगे।
पुस्तकेषु च या विद्या परहस्तेषु यद्धनम्।
उत्पन्नेषु च कार्येषु न सा विद्या न तद्धनम्॥
जो विद्या पुस्तकों में लिखी है और कंठस्थ नहीं है तथा जो धन
दूसरे के हाथों में गया है, ये दोनों आवश्यकता के समय काम नहीं
आते, अर्थात पुस्तकों में लिखी विद्या और दूसरे के हाथों में गए
धन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।।20।।
भाव यह है कि विद्या को सदैव कंठस्थ करना चाहिए और
धन को सदैव अपने हाथों में रखना चाहिए ताकि वक्त या जरूरत
पड़ने पर काम आ सके। अपना अनुभव और अपना धन ही वक्त
पर काम आता है।
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