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समयसार (प्राकृत गाथा एवं हिन्दी-अंग्रेजी व्याख्या)

समयसार (प्राकृत गाथा एवं हिन्दी-अंग्रेजी व्याख्या)

Samayasara of Acharya Kundakunda with Hindi Commentary

आचार्य कुन्दकुन्द / अमृतचन्द्र सूरि द्वारा

DevanagariHindipublished226 पृष्ठ

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पृष्ठ 217

शब्दानुक्रमणिका
70, 77, 80, 81, 82, 83, 84, 85,
86, 94, 105, 115, 116, 117, 124,
125, 126, 127, 129, 135, 136,
138, 139, 140, 141, 145, 150,
153
बहिरात्मा 14
बालतप 73
बालव्रत 73
ब्रह्मचर्य 126
बुद्धि 13, 15, 48, 104, 124, 127, 130,
146, 179, 180
भावकर्म 13, 61, 65, 133, 168
भावास्रव 84, 85, 86, 92
भोग 5, 95, 104, 105, 108, 109, 132
भोजन 103
मतिज्ञान 99
मान 60
माया 60
मार्गणास्थान 28
मिथ्यात्व 15, 44, 45, 47, 48, 55, 56,
64, 65, 76, 78, 79, 81, 82, 85,
92, 110, 157, 158, 159, 162
मिथ्याचारित्र 5
मिथ्यादर्शन 5
मिथ्यादृष्टि 43, 55, 78, 95, 131, 150,
156, 157, 164
मिथ्याज्ञान 5
मुनि 17, 73, 129, 130, 136, 150
मोह, मोहनीय, मोही 19, 21, 28, 34, 40,
44, 45, 85, 118, 120, 121, 134,
156, 157, 175
मोक्ष 10, 74, 75, 99, 104, 113, 128,
138, 139, 140, 153, 154, 192,
193, 194, 195
यथाख्यात चारित्र 82
योग 44, 50, 55, 64, 79, 82, 92, 110,
117, 132
योगस्थान 28 रत्नत्रय 5, 9, 12, 76, 78, 83
रस 22, 27, 28, 31, 178, 180, 186,
187
राग 5, 15, 23, 25, 26, 28, 40, 66, 71,
72, 75, 79, 80, 84, 85, 86, 89,
90, 92, 95, 96, 97, 98, 105, 106,
112, 115, 116, 117, 125, 127,
133, 134, 135, 136, 138, 168,
174, 175
राध 145
रूप 22, 27, 28, 31, 32, 177, 180, 185
लिंग 193, 194, 195
लोक 128, 159, 162
लोभ 60
लोहा 63, 70, 106
वर्ग 28
वर्गणा 28, 58, 65
व्रत 73, 74, 131
व्यवसाय 130, 156
व्यवहार नय 7, 9, 12, 16, 17, 25, 26,
29, 30, 34, 54, 67, 155, 167,
170, 172, 195
200